IMT 7 in Insurance Meaning in Hindi हाइपोथेकेशन (Hypothecation) के नियम और फायदे जब भी हम कोई नई कार, बाइक या कमर्शियल गाड़ी खरीदते हैं, तो ज़्यादातर लोग बैंक से लोन (Car Loan/Vehicle Finance) लेते हैं। बैंक आपको गाड़ी खरीदने के लिए पैसे तो दे देता है, लेकिन जब तक आप लोन की आखिरी किश्त (EMI) नहीं चुका देते, तब तक कानूनी रूप से उस गाड़ी पर बैंक का भी अधिकार होता है।
इसी अधिकार को इंश्योरेंस की भाषा में कागज़ों पर दर्ज करने के लिए मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी में IMT 7 का इस्तेमाल किया जाता है। [IMT 7 in Insurance Meaning in Hindi]
अगर आपने अपनी गाड़ी फाइनेंस करवाई है और आप इंटरनेट पर “IMT 7 in insurance meaning in hindi” सर्च कर रहे हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं। Maa Karni Bima Kender की इस विशेष पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि IMT 7 क्या है, इसका क्लेम पर क्या असर पड़ता है और लोन पूरा होने के बाद इसे कैसे हटाया जाता है।

मोटर इंश्योरेंस में IMT 7 क्या है? (What is IMT 7 in Motor Insurance?)
IMT का फुल फॉर्म ‘Indian Motor Tariff’ होता है। इसके नियम नंबर 7 (IMT 7) को Hypothecation Clause (हाइपोथेकेशन क्लॉज़ / दृष्टिबंधक) कहा जाता है।
आसान शब्दों में कहें तो: IMT 7 एक ऐसा ठप्पा या एंडोर्समेंट (Endorsement) है जो बीमा कंपनी को यह बताता है कि यह गाड़ी बैंक के पैसों से खरीदी गई है (लोन पर है)।
जब आपकी पॉलिसी में IMT 7 लगा होता है, तो पॉलिसी के कागज़ (Policy Schedule) पर आपके नाम के साथ फाइनेंस करने वाले बैंक का नाम भी जुड़ जाता है (जैसे: Hypothecated to HDFC Bank या SBI Bank)।
hypothecation in insurance | गाड़ी में IMT 7 क्यों लगाया जाता है?
बैंक लाखों रुपये का लोन बिना किसी सुरक्षा के नहीं देता। बैंक को यह डर रहता है कि अगर गाड़ी चोरी हो गई या किसी भयंकर एक्सीडेंट में पूरी तरह कबाड़ (Total Loss) हो गई, तो उसे उसके लोन के पैसे कौन लौटाएगा?
इसीलिए बैंक अपनी सुरक्षा के लिए इंश्योरेंस पॉलिसी में IMT 7 जुड़वाता है। इसके दो मुख्य कारण हैं:
- कानूनी अधिकार: यह साबित करता है कि गाड़ी के असल मालिक के साथ-साथ बैंक का भी गाड़ी पर वित्तीय अधिकार है।
- क्लेम की सुरक्षा: अगर गाड़ी चोरी हो जाती है, तो बीमा कंपनी सीधा ग्राहक को पैसा न देकर पहले बैंक का लोन चुकाती है।
IMT 7 होने पर इंश्योरेंस क्लेम कैसे मिलता है? (Claim Process)
यह सबसे बड़ा सवाल है जो हर गाड़ी मालिक के मन में आता है कि “अगर मेरी पॉलिसी में बैंक का नाम है, तो क्या एक्सीडेंट होने पर क्लेम का पैसा मुझे मिलेगा या बैंक को?”
IMT 7 in Insurance Meaning in Hindi आइए इसे 2 अलग-अलग स्थितियों (Situations) से समझते हैं:
स्थिति 1: गाड़ी का छोटा-मोटा एक्सीडेंट (Partial Damage)
अगर आपकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया है और बंपर, शीशा या दरवाज़ा टूट गया है, तो आपको घबराने की ज़रूरत नहीं है। ऐसी स्थिति में IMT 7 का कोई खास असर नहीं होता।
अगर आप गाड़ी किसी नेटवर्क गैरेज (Cashless Garage) में ठीक करवाते हैं, तो बीमा कंपनी (चाहे वह Acko हो, Digit हो या National Insurance) सीधे गैरेज को पैसा दे देती है। अगर आप कैशलेस सुविधा नहीं लेते हैं, तो मरम्मत का पैसा सीधा आपके (ग्राहक के) बैंक खाते में आता है।
स्थिति 2: गाड़ी चोरी होना या पूरी तरह खत्म होना (Theft / Total Loss)
असली खेल यहाँ शुरू होता है। अगर आपकी गाड़ी चोरी हो जाती है या किसी भयानक एक्सीडेंट में पूरी तरह डैमेज (Total Loss) हो जाती है, तो बीमा कंपनी गाड़ी की पूरी IDV (डिक्लेयर्ड वैल्यू) का पैसा देती है।
चूँकि पॉलिसी पर IMT 7 लगा है, इसलिए बीमा कंपनी यह बड़ी रकम सीधे आपके खाते में नहीं डालेगी।
- सबसे पहले बीमा कंपनी आपके बैंक से पूछेगी कि आपका कितना लोन बकाया है।
- बीमा कंपनी क्लेम के पैसों में से पहले बैंक का सारा लोन (Outstanding Dues) चुकाएगी।
- बैंक का लोन चुकता होने के बाद जो पैसा बचेगा, वह पैसा गाड़ी के मालिक (आपको) दिया जाएगा।
IMT 5, IMT 6 और IMT 7 में क्या अंतर है?
अक्सर लोग फाइनेंस के अलग-अलग नियमों में कन्फ्यूज़ हो जाते हैं। आइए इसे एक साधारण टेबल से समझते हैं:
| IMT कोड | इसका नाम क्या है? | यह कब लगाया जाता है? | किसका नाम जुड़ता है? |
| IMT 5 | Hire Purchase Agreement | जब गाड़ी किसी प्राइवेट फाइनेंसर से किश्तों पर ली जाए। | फाइनेंसर (Financier) |
| IMT 6 | Lease Agreement | जब गाड़ी किसी कंपनी से लंबी अवधि के लिए किराए (Lease) पर ली जाए। | लीज़ देने वाली कंपनी |
| IMT 7 | Hypothecation (हाइपोथेकेशन) | जब गाड़ी खरीदने के लिए किसी बैंक से प्रॉपर लोन (Car Loan) लिया जाए। | बैंक (Bank/Lender) |
remove hypothecation from rc and insurance | लोन पूरा होने के बाद IMT 7 को कैसे हटाएं?
कई लोग लोन पूरा होने के बाद भी अपनी आरसी (RC) और इंश्योरेंस से बैंक का नाम नहीं हटाते, जो कि आगे चलकर गाड़ी बेचते समय या क्लेम लेते समय बहुत बड़ी सिरदर्दी बन जाता है।
लोन की आखिरी किश्त भरने के बाद आपको यह प्रक्रिया अपनानी चाहिए:
- NOC लें: सबसे पहले अपने बैंक जाएं और उन्हें बताएं कि आपका लोन पूरा हो गया है। बैंक आपको एक NOC (No Objection Certificate) और फॉर्म 35 देगा।
- RTO में अपडेट करें: इस NOC को लेकर अपने शहर के RTO (या ऑनलाइन Parivahan वेबसाइट) पर जाएं और अपनी RC से हाइपोथेकेशन (बैंक का नाम) हटवाएं। इसके बाद RTO आपको नई साफ RC देगा।
- बीमा कंपनी को बताएं: नई RC और बैंक की NOC लेकर अपने इंश्योरेंस एजेंट (या Maa Karni Bima Kender) से संपर्क करें। हम आपकी बीमा कंपनी को यह दस्तावेज़ भेजेंगे।
- IMT 7 हटेगा: बीमा कंपनी आपकी पॉलिसी को अपडेट करेगी, IMT 7 का क्लॉज़ हटा देगी, और आपको एक नई पॉलिसी कॉपी मिलेगी जिसमें सिर्फ आपका नाम होगा, बैंक का नहीं।
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FAQ: IMT 7 in Insurance Meaning in Hindi
1. IMT 7 (Hypothecation) का हिंदी मतलब क्या है?
इसका हिंदी मतलब है ‘दृष्टिबंधक’। यह दर्शाता है कि गाड़ी बैंक के पैसों (लोन) से खरीदी गई है और उस पर बैंक का वित्तीय अधिकार है।
2. क्या मैं बिना IMT 7 के लोन वाली गाड़ी का इंश्योरेंस करा सकता हूँ?
जी नहीं, अगर आपकी गाड़ी पर लोन चल रहा है, तो इंश्योरेंस पॉलिसी में IMT 7 (बैंक का नाम) जुड़वाना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
3. गाड़ी का छोटा एक्सीडेंट होने पर क्लेम का पैसा किसे मिलता है?
छोटे-मोटे डैमेज (Partial loss) के केस में क्लेम का पैसा गाड़ी के मालिक को या सीधा रिपेयर करने वाले गैरेज को ही मिलता है। इसमें बैंक का कोई रोल नहीं होता।
4. गाड़ी चोरी होने पर क्या होगा?
चोरी होने या टोटल लॉस होने पर, बीमा कंपनी पहले बैंक का बकाया लोन चुकाती है। अगर उसके बाद कोई रकम बचती है, तो वह गाड़ी मालिक को दी जाती है।
5. मेरा लोन 2 साल पहले खत्म हो गया था, क्या IMT 7 अपने आप हट जाएगा?
नहीं, यह अपने आप नहीं हटता। आपको बैंक से NOC लेकर RTO और बीमा कंपनी में खुद जमा करवानी होती है।
6. अगर लोन खत्म होने के बाद भी IMT 7 नहीं हटवाया, तो क्या नुकसान है?
अगर गाड़ी टोटल लॉस या चोरी हो गई, तो बीमा कंपनी क्लेम का सारा पैसा आपके बजाय बैंक को भेज देगी, जिसे वापस लाने में आपको बहुत चक्कर काटने पड़ेंगे। साथ ही, आप गाड़ी बेच नहीं पाएंगे।
7. बैंक से NOC मिलने के कितने दिन के अंदर उसे जमा करना होता है?
आमतौर पर बैंक की NOC की वैलिडिटी 90 दिनों की होती है। इसलिए 3 महीने के अंदर RC और इंश्योरेंस से बैंक का नाम हटवा लेना चाहिए।
8. IMT 7 हटाने के लिए इंश्योरेंस कंपनी को कौन से कागज़ चाहिए?
आपको बैंक द्वारा दी गई ऑरिजिनल NOC की कॉपी और RTO द्वारा जारी की गई नई अपडेटेड RC की कॉपी देनी होती है।
9. क्या IMT 7 हटवाने के लिए कोई एक्स्ट्रा फीस लगती है?
RTO में RC अपडेट करने की सरकारी फीस लगती है, लेकिन इंश्योरेंस पॉलिसी से IMT 7 हटवाने (एंडोर्समेंट) के लिए बीमा कंपनियां आमतौर पर कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लेती हैं।
10. क्या मैं IMT 7 लगे होने पर अपनी गाड़ी बेच सकता हूँ?
बिल्कुल नहीं। आप हाइपोथेकेटेड गाड़ी तब तक किसी और के नाम पर ट्रांसफर नहीं कर सकते, जब तक आप पूरा लोन चुकाकर बैंक से NOC नहीं ले लेते।
निष्कर्ष (CONCLUSION)
मोटर इंश्योरेंस में IMT 7 एक बहुत ही सामान्य और ज़रूरी नियम है जो बैंक और ग्राहक दोनों को सुरक्षा देता है। जब तक आपका लोन चल रहा है, तब तक इसे पॉलिसी में रखना अनिवार्य है। लेकिन लोन खत्म होते ही इसे तुरंत RC और इंश्योरेंस से हटवा लेना चाहिए।
अगर आपको अपनी पॉलिसी से IMT 7 हटवाने में कोई भी दिक्कत आ रही है या आप अपनी गाड़ी का नया और सबसे सस्ता इंश्योरेंस करवाना चाहते हैं, तो आज ही Maa Karni Bima Kender से संपर्क करें। हम आपकी पूरी मदद करेंगे।
हमें उम्मीद है कि IMT 7 in Insurance Meaning in Hindi | हाइपोथेकेशन और क्लेम के नियम 2026 जानकारी आपके लिए उपयोगी (USEFUL) साबित हुई होगी। माँ करणी बीमा केंद्र (MAA KARNI BIMA KENDER) का हमेशा यही प्रयास रहता है कि हम अपने ऐलनाबाद और आस-पास के क्षेत्र के लोगों को हर सरकारी योजना और बीमा सेवाओं की सही और सटीक जानकारी सरल भाषा में दें।
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